आगामी पर्व, व्रत एवं मंदिर आयोजन — समय पर तैयारी करें और दर्शन का लाभ उठाएं
श्रावण मास एवं आगामी पर्वों की तिथियाँ — मंदिर में पधारें।
चातुर्मास का शुभारंभ। भगवान विष्णु की विशेष पूजा। उपवास एवं जागरण का विशेष महत्व।
व्रतश्रावण मास का पहला सोमवार। रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक हेतु विशेष व्यवस्था। प्रातः 5 बजे से दर्शन।
श्रावणत्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा। संध्या आरती एवं रुद्राष्टकम् पाठ।
व्रतश्रावण मास का दूसरा सोमवार। जलाभिषेक एवं बेलपत्र अर्पण। विशेष प्रसाद वितरण।
श्रावणनाग देवता की पूजा। मिथिला क्षेत्र में विशेष महत्व। मंदिर में विशेष अभिषेक का आयोजन।
पर्वश्रावण मास का तीसरा सोमवार। भव्य रुद्राभिषेक एवं भजन-कीर्तन का आयोजन।
श्रावणश्रावण मास का चौथा एवं अंतिम सोमवार। विशेष महाभिषेक एवं प्रसाद वितरण।
श्रावणवार्षिक महोत्सव — शिव बारात, जलाभिषेक, भजन-कीर्तन एवं रात्रि जागरण। 40,000+ श्रद्धालु।
महोत्सवपूजा बुकिंग या किसी पर्व की जानकारी के लिए संपर्क करें।
📞 +91 9296860221 💬 WhatsApp करें